| Online Users 23   | Welcome: Guest  |   Login  |








होलिका दहन दृश्य

हिरण्यकश्यप के यहां प्रहलाद जैसा परमात्मा में अटूट विश्वास करने वाला भक्त पुत्र पैदा हुआ।









प्रह्लाद भगवान विष्णु का परम भक्त

श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा हे नाथ नारायण...॥









श्रवण कुमार तीर्थ यात्रा दृश्य

माता पिता की सेवा में अपना पूरा जीवन समर्पित कर देने वाले श्रवण कुमार









दाएं हाथ का अंगूठा गुरुदक्षिणा दृश्य

एकलव्य ने एक पल भी विचार किए बिना अपने दाएं हाथ का अंगूठा काटकर गुरुदेव के चरणों में अर्पण कर दिया।

ऋग्वेद

ऋग्वेद अर्थात् स्थिति और ज्ञान ऋग्वेद सबसे पहला वेद है जो पद्यात्मक है। इसके 10 मंडल (अध्याय) में 1028 सूक्त है जिसमें 11 हजार मंत्र हैं। इस वेद की 5 शाखाएं हैं - शाकल्प, वास्कल, अश्वलायन, शांखायन, मंडूकायन।

यजुर्वेद

यजुर्वेद का अर्थ : यत् + जु = यजु। यत् का अर्थ होता है गतिशील तथा जु का अर्थ होता है आकाश। इसके अलावा कर्म। श्रेष्ठतम कर्म की प्रेरणा। यजुर्वेद में यज्ञ की विधियां और यज्ञों में प्रयोग किए जाने वाले मंत्र हैं।

सामवेद

साम का अर्थ रूपांतरण और संगीत। सौम्यता और उपासना। इस वेद में ऋग्वेद की ऋचाओं का संगीतमय रूप है। सामवेद गीतात्मक यानी गीत के रूप में है।


अथर्वदेव

थर्व का अर्थ है कंपन और अथर्व का अर्थ अकंपन। ज्ञान से श्रेष्ठ कर्म करते हुए जो परमात्मा की उपासना में लीन रहता है वही अकंप बुद्धि को प्राप्त होकर मोक्ष धारण करता है।


831

पोर्टल पर पंजीकृत मंदिर की संख्या

26

पोर्टल पर लॉक मंदिर की संख्या

6

पोर्टल पर पंजीकृत मंदिर की संपत्ति संख्या

3

पोर्टल पर लॉक संपत्ति की संख्या

0

पोर्टल पर पंजीकृत पुजारियों की संख्या

0

सत्यापित पुजारियों की संख्या

0

असत्यापित पुजारियों की संख्या

0

पोर्टल पर पंजीकृत केस की संख्या

प्रमुख मन्दिर

श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग

महाकालेश्वर मंदिर भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह मध्यप्रदेश राज्य के उज्जैन नगर में स्थित, महाकालेश्वर भगवान का प्रमुख मंदिर है। पुराणों, महाभारत और कालिदास जैसे महाकवियों की रचनाओं में इस मंदिर का मनोहर वर्णन है। ...

श्री खजराना गणेश मंदिर

इन्दौर का प्रसिद्ध गणेश मंदिर है। यह मंदिर विजय नगर से कुछ दूरी पर खजराना चौक के पास में स्थित है। इस मंदिर का निर्माण अहिल्या बाई होल्कर द्वारा किया गया था।इस मंदिर में मुख्य मूर्ति भगवान गणपति की है, जो केवल सिन्दूर द्वारा निर्मित है।...

श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग

श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश के प्रमुख शहर इंदौर से ७७ किमी की दुरी पर स्थित है . श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग ऐसा एकमात्र ज्योतिर्लिंग है जो नर्मदा के उत्तर तट पर स्थित है.-यहाँ भगवान शिव ओम्कार स्वरुप में प्रकट हुए हैं.