हमारे बारे में

1. विभाग की प्रशासकीय संरचना :

वर्ष 1981 में धार्मिक न्‍यास एवं धर्मस्‍व विभाग का गठन पृथक विभाग के रूप में किया गया, इस विभाग का कार्य कमिश्‍नर तथा कलेक्‍टर के माध्‍यम से कराया जाता है। विभाग के अंतर्गत विभागाध्‍यक्ष कार्यालय का गठन किया गया है। निगम/मंडल अथवा परिषद् कार्यालय में मध्‍यप्रदेश तीर्थ-स्‍थान एवं मेला प्राधिकरण स्‍थापित है। वर्तमान में अधिकारियों/कर्मचारियों का कोई संवर्ग नहीं है। 

              वर्तमान में सामान्‍य प्रशासन विभाग की जारी अधिसूचना दिनांक 25 जनवरी 2022 से विभाग का नाम परिवर्तित करते हुए विद्यमान अनुक्रमांक ''अडसठ''से संबंधित प्रविष्टि ''अडसठ - अध्‍यात्‍म'' के स्‍थान पर ''अडसठ - धार्मिक न्‍यास और धर्मस्‍व'' किया गया। 

विभाग में प्रतिपादित नीति संबंधी :

(अ) विभाग में प्रतिपादित नीति संबंधी विषय:

1.  भारत एवं मध्‍यप्रदेश की विविध संस्‍कृति के विकास के लिए सतत् प्रयास करना।

2.  प्रदेश के सभी समुदायों के बीच शांतिपूर्ण सहअस्तित्‍व, मैत्री और बंधुत्‍व की भावना का विकास  करने करने के लिये आध्‍यात्मिक गुरूओं का मार्गदर्शन एवं मध्‍यस्‍थता को सुनिश्चित करने का प्रयास करना।  

3. देश एवं प्रदेश के महत्‍वपूर्ण सामाजिक एवं नागरिक लक्ष्‍यों को प्राप्‍त करने में विभिन्‍न आस्‍था- प्रणालियों की संत शक्ति का उपयोग करना।

4. शासकीय देवस्‍थानों चल-अचल संपत्तियों का सुव्‍यवस्थित संधारण तथा धर्म स्‍थानों का विकास एवं संरक्षण।

5. उपासना स्‍थलों की संपदाओं का वैज्ञानिक मूल्‍यांकन।

6.उपासना स्‍थलों की सामाजिक-सांस्‍कृतिक उपस्थिति को विकसित करना तथा उनमें प्रासंगिक विषयों पर प्रवचन आदि अध्‍यात्‍मपरक कार्यक्रम का आयोजन करना।

7. धार्मिक पर्यटन का प्रोत्‍साहित करने के उद्देश्‍य से पर्यटन विभाग से सामंजस्‍य करना।

8. पुजारियों/सेवादारों/मुजाविरों आदि के लिये नेमगुक/मानदेय की व्‍यवस्‍था तथा उनके लिए कल्‍याणकारी योजनाओं का निर्माण एवं प्रवर्तन।

9. धार्मिक एवं पूर्त न्‍यासों का प्रशासन।

10. उघानिकी तथा खाघ प्रसंस्‍करण विभाग के सहयोग से मंदिर उघानों एवं पंचायत और ग्रामीण विकास के सहयोग से मंदिर सरोवरों का पुनरूद्धान।

11. मां नर्मदा न्‍यास आदि विभिन्‍न विधिक व्‍यवस्‍थाओं का विकास एवं प्रवर्तन।

12. शास्‍त्रों में उल्‍लेखित प्रदेश की पवित्र नदियों को जीवित इकाई बनाने के संबंध में कार्यवाही।

13. शासकीय धर्मस्‍थानों एवं अन्‍य धर्मों के ऐतिहासिक स्‍थानों के संधारण की कार्यवाही।

14. राम पथ वनगमन के प्रदेश में पड़ने वाले अंचलों का विकास।

15. प्रदेश में धार्मिक स्‍थलों पर लगने वाले मेलों एवं आयोजनों पर भीड़ प्रबंधन एवं सुरक्षा की विशेष व्‍यवस्‍थाओं पर सुझाव देना।

16. धर्मस्‍थलों की संपत्तियों को अतिक्रमण से मुक्‍त करने के लिए राजस्‍व विभाग एवं नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग के साथ समन्‍वय करना।

17. प्रदेश तथा प्रदेश के बाहर चिन्‍हांकित तीर्थ स्‍थलों की यात्रा का प्रबंधन।

18. पूर्त और पूर्त संस्‍थाएं।

19. पूर्त और धार्मिक धर्मस्‍व।

20. धार्मिक संस्‍थाएं।

21. लोक न्‍यास।

22. पूर्त विन्‍यास अधिनियम 1980 (चेरिटेबल एंडोमेंट एक्‍ट 1890) के अधीन पूर्त धर्मस्‍व के कोषाध्‍यक्ष के कार्य।

23. राज्‍य शासन के नियंत्रण तथा प्रबंध के अधीन माफी तथा औफाक भूमियों तथा धार्मिक संस्‍थाओं की भूमियों का प्रबंधन।

24. पुजारियों, मंहतों तथा कथा वाचकों की नियुक्ति, उनका हटाया जाना।

25. नगरों/ शहरों/ स्‍थानों को पवित्र घोषित करना तथा उनके विकास के लिए नोडल विभाग के रूप में कार्य करना।

26. (एक) भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम, 1988  की  धारा  19 के अंतर्गत अभियोजन की मंजूरी।

      (दो) दण्‍ड प्रक्रिया संहिता की धारा 197 तथा विशेष/अन्‍य अधिनियमों के अंतर्गत लोक सेवकों के विरूद्व अभियोजन की मंजूरी।

(आ) विभाग द्वारा प्रशासित अधिनियम तथा नियम:

      1. मध्‍यप्रदेश लोक न्‍यास अधिनियम, 1951

      2. मध्‍यभारत धर्मादा निधि अधिनियम, 1951

      3. मध्‍यप्रदेश श्री महाकालेश्‍वर मंदिर अधिनियम, 1982

     4. भोपाल राज्‍य सलकनपुर मंदिर अधिनियम, 1956

     5. मध्‍यप्रदेश सार्वजनिक स्‍थान (धार्मिक भवन एवं गतिविधियों का विनियमन) अधिनियम, 2001

     6. मध्‍यप्रदेश मां शारदा देवी मंदिर अधिनियम, 2002

     7. मध्‍यप्रदेश श्री गणपति मंदिर, खजराना (इंदौर), अधिनियम, 2003

(ई) अधिनियमों के अधीन गठित मंडल तथा निगम-

   1. महाकालेश्‍वर मंदिर समिति

   2. सलकनपुर देवी मंदिर समिति

   (उ) उपर (ई) के अधीन न आने वाली संस्‍थाएं तथा निकाय-

1. भू‍तपूर्व भोपाल रियासत की मंदिर समिति, भोपाल

2. लक्ष्‍मण बाग समिति रीवा

3. शारदा देवी मंदिर समिति मैहर

4. भूतपूर्व ग्‍वालियर रियासत का औकाफ न्‍यासी मंडल

5. श्री गणपति मंदिर, खजराना (इंदौर) प्रबंध समिति

2. विभाग की गतिविधियां:

1. प्रदेश के ऐसे मंदिर जिनके संबंध में भू-अभिलेख में भूमि-स्‍वामी के रूप में मंदिर की मूर्ति का नाम दर्ज है, उन मंदिरों को शासन संधारित मंदिर की श्रैणी में रखते हुए कलेक्‍टर को भू-अभिलेख में ''प्रबंधक'' के रूप में दर्ज किया जाता है।  शासन संधारित मंदिरों में शासन द्वारा मुख्‍यत: मंदिरों का जीर्णोद्धार एवं धर्मशाला का निर्माण कराया जाता है। इनमें कार्यरत पुजारियों की नियुक्ति, पदच्‍युक्ति तथा मानदेय वितरण का कार्य कलेक्‍टर के माध्‍यम से विभाग द्वारा कराया जाता है।

भोपाल, रायसेन तथा सीहोर जिले में स्थित मंदिरों की व्‍यवस्‍था के लिये एक मंदिर समिति गठित है, जिनके अध्‍यक्ष आयुक्‍त, भोपाल संभाग रहते हैं।

2. देवस्‍थानों के प्रबंध के लिए देवस्‍थान प्रबंध समिति गठित की गई है।

3. धार्मिक स्‍थलों की व्‍यवस्‍था मध्‍यप्रदेश लोक न्‍यास अधिनियम, 1951 के तहत की जाती है। अधिनियम के तहत अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) को पंजीयन के अधिकार प्रदत्‍त किये गये है।

4. प्रदेश के ऐसे मंदिर जिनका ऐतिहासिक अथवा धार्मिक या दोनों प्रकार का विशेष महत्‍व है उनके लिये निम्‍नानुसार विशेष कानूनी व्‍यवस्‍था कायम की गई है:-

              (1) श्री महाकालेश्‍वर मंदिर, उज्‍जैन के लिये मध्‍यप्रदेश श्री महाकालेश्‍वर अधिनियम, 1982

              (2) सलकनपुर देवी मंदिर, जिला सीहोर के लिये भोपाल राज्‍य, सलकनपुर, अधिनियम, 1956

              (3) मां शारदा देवी, मैहर, जिला सतना के लिये मध्‍यप्रदेश मां शारदा देवी मंदिर, अधिनियम, 2002

              (4) श्री गणपति मंदिर खजराना, इंदौर के लिए मध्‍यप्रदेश श्री गणपति मंदिर खजराना (इंदौर) अधिनियम, 2003

5. विभाग द्वारा निम्‍न क्षेत्रों को पवित्र नगरी/ अधिसूचित क्षेत्र घोषित किया गया है।

       1. ओंकारेश्‍वर जिला खण्‍डवा

       2. मंडला नगर जिला मंडला

       3. पन्‍ना नगर जिला पन्‍ना

       4. दतिया जिला दतिया

       5. जबलपुर नगर (आस्‍था नगरी) जिला जबलपुर

       6. चित्रकूट जिला सतना

       7. मैहर जिला सतना

       8. सलकनपुर जिला सीहोर

       9. अमरकंटक जिला अनूपपुर

       10. महेश्‍वर जिला खरगोन

       11. उज्‍जैन जिला उज्‍जैन

       12. मुलताई जिला बैतूल

       13. मण्‍डलेश्‍वर जिला खरगौन

       14.पशुपतिनाथ मंदिर जिला मंदसौर

       15.ग्‍वारीघाट जिला जबलपुर

       16.बरमान जिला नरसिंहपुर

6. मुख्‍यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना नियम 2012:-

       मध्‍यप्रदेश के निवासी वरिष्‍ठ नागरिक (60 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्‍यक्ति) को विभिन्‍न नामनिर्दिष्‍ट तीर्थ स्‍थानों की यात्रा सुलभ कराने हेतु  शासकीय सहायता प्रदान करना है।

7. विभाग द्वारा लद्दाख स्थित सिन्‍धु दर्शन तीर्थ यात्रा, कैलाश मानसरोवर तीर्थ यात्रा, पाकिस्‍तान स्थित हिंगलाज देवी मंदिर तथा नाना साहेब तीर्थ यात्रा, श्रीलंका के सीता मंदिर, अशोक वाटिका तथा अंकोरवाट मंदिर कंबोडिया तीर्थ यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को नियमानुसार आर्थिक सहायता दी जाती है।

3. विभाग के अधीन संचालित कार्यालय:-

विभागाध्‍यक्ष कार्यालय धार्मिक न्‍यास एवं धर्मस्‍व:- 

    विभाग के आदेश क्रमांक एफ 3-10/2011/छै: दिनांक 27.01.2016 से कार्यालय संचालनालय धार्मिक न्‍यास एवं धर्मस्‍व का गठन किया गया।

मध्‍यप्रदेश तीर्थ स्‍थान एवं मेला प्राधिकरण :-

सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 13.10.2014 के परिप्रेक्ष्‍य में मध्‍यप्रदेश तीर्थ-स्‍थान एवं मेला प्राधिकरण का नियंत्रण धार्मिक न्‍यास एवं धर्मस्‍व विभाग को प्राप्‍त हुआ है। प्राधिकरण द्वारा म.प्र. के तीर्थ स्‍थलों एवं अतिप्रसिद्ध मेलों की उचित व्‍यवस्‍था हेतु अनुदान उपलब्‍ध कराया जाता है।

 

 

 

 

 
अंतिम नवीनीकरण:07 Jan, 2026
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